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अपनाकर ये ६ टिप्स, कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद बच्चों को रखें सुरक्षित!

लॉकडाउन ख़त्म होने के बाद आपके बच्चे फिर से स्कूल या पार्क में जाना चाहेंगे। ऐसे में हम आपके लिए कुछ ऐसे टिप्स लेकर आए हैं, जिनकी मदद से आप लॉकडाउन के बाद अपने बच्चों को संक्रमण से सुरक्षित रख सकते हैं।

अपडेट किया गया

6 Top Tips to Keep your Children Safe after the Coronavirus Lockdown

संभव है कि लॉकडाउन के बाद सरकारी निर्देशों के आधार पर विभिन्न फ़ेज़ में शैक्षणिक संस्थान, पार्क और अन्य सार्वजनिक जगहें खुल जाएं। ऐसे में बच्चे फिर से स्कूल जाना और अपने दोस्तों के साथ शाम में पार्क में खेलना शुरू कर देंगे। मगर न भूलें कि संक्रमण से बच्चों को ज़्यादा ख़तरा है,  इसलिए उनकी अधिक देखभाल करना और कुछ विशेष सावधानी बरतनी ज़रूरी है। लॉकडाउन के बाद बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए कौन-कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए,  इसकी जानकारी हम इस लेख के माध्यम से आप तक पहुंचा रहे हैं। 

आपके बच्चे छींकते समय टिशू या रूमाल का इस्तेमाल कर रहे हैं, यह सुनिश्चित करें। बच्चों को आराम करने और अधिक से अधिक जूस और पानी पीने को कहें।

१) बच्चों को शिक्षित करें व सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित करें

बच्चों को शिक्षित करने में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए उन्हें सरल शब्दों में इस महामारी के बारे में बताएं मगर ध्यान रहे, उनके मन में इसका डर घर न कर पाए। बच्चों को उदाहरण देकर बताएं कि सावधानी बरतना क्यों ज़रूरी है। उनसे इस बारे में सवाल पूछें और वह इस विषय में कितना जानते हैं यह जानें और उन्हें विस्तार से समझाएं। बच्चों को यह बताना बेहद महत्वपूर्ण है कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से बीमार हो जाता है तो क्या होगा। उनके सवालों के सही जवाब देकर उनकी शंका को दूर करें और उन्हें पूरी स्थिति के बारे में साफ़-साफ़ बताएं। बच्चे जब घर पर हों, तो उन्हें स्ट्रेचिंग, डांस या किसी खेल के माध्यम से सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित करें। यह ध्यान केंद्रित करने और मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।  

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२) स्वच्छता की आदत डालें

बच्चों के अंदर अच्छे साबुन और पानी या फिर हैंड सैनिटाइज़र से हाथों को स्वच्छ करने की आदत डालें। बच्चों को सबसे ज़्यादा बार छुई जाने वाली सतह, जैसे डोरनॉब्ज़, बुक शेल्फ, स्विच को छूने के बाद हाथों को साफ़ करने का महत्व बताएं। हाथ धोते वक़्त उन्हें २० सेकेंड का कोई गाना गाने को कहें ताकि उन्हें ये काम मज़ेदार लगे। आप उनके आदर्श बन सकते हैं। जब आप नियमित रूप से अपने हाथों को धोएंगे, तो इससे उन्हें सीख मिलेगी। आप सफ़ाई की दिनचर्या को एक पारिवारिक गतिविधि भी बना सकते हैं। उन्हें स्वच्छता के बारे में समझाने के लिए कहानी बताएं कि कैसे उनके पसंदीदा सुपरहीरो की तरह साबुन और सैनिटाइज़र भी कीटाणुओं से लड़ते और उन्हें ख़त्म करते हैं। ध्यान रहे, उनके खिलौने और जिन चीज़ों को वो रोज़ छूते हैं, उन्हें साफ़ करना न भूलें।  

३) सोशल डिस्टेंसिंग का महत्व बताएं 

अपने बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के महत्व के बारे में बताएं। उन्हें बताएं कि उनके दोस्तों से उनकी दूरी कम से कम ६ फीट होनी चाहिए। साथ ही उन्हें सुरक्षित दूरी बरतते हुए दोस्तों का अभिवादन करने के लिए अलग-अलग तरीक़े बताएं। उन्हें यह भी बताएं कि किस तरह एक पीड़ित व्यक्ति की छींक व खांसी की बूंदों से यह  वायरस फैलता है। आप उन्हें जितनी अधिक जानकारी देंगे, उतनी ही आसानी से वह इन सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे। हां, मगर यह सभी बातें उन्हें सकारात्मक तरीक़े से बताएं।

सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर माता-पिता के अलग-अलग विचार हो सकते हैं। कोई सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करते होंगे तो कोई नहीं भी करते होंगे। बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ उनसे बातचीत करना भी ज़रूरी है। हो सकता है बच्चे कभी-कभी अपने खेलकूद के दिनों को तो कभी अपने दोस्तों को याद कर मायूस होते हों। इसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर हो सकता है। इससे बचने के लिए उन्हें अपने दोस्तों से फ़ोन कॉल या वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल रूप से कनेक्ट रखें। जब वे अपने दोस्तों और परिवार के संपर्क में होंगे तो उन्हें अकेलापन महसूस नहीं होगा। ध्यान रहे जब बच्चे उत्साही होते हैं, तो वे अलग-अलग चीज़ों में अपना ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।  

४) बच्चों के कपड़ों को कीटाणु-मुक्त करें 

बच्चों के कपड़े, जैसे रोज़ाना पहनने वाले कपड़े, स्कूल यूनिफ़ॉर्म, स्पोर्ट्स वेअर को धोने के बाद कीटाणु-मुक्त करना भी बेहद ज़रूरी है। स्कूल यूनिफ़ॉर्म और बैग को सही ढंग से रखने के साथ-साथ उन्हें साफ़ करना भी बेहद ज़रूरी है।

बच्चों के कपड़ों को धोने ले जाते वक़्त उन्हें झटकने से बचें, इससे कीटाणु हवा में फैल सकते हैं, जिससे ख़तरा और भी बढ़ सकता है। हमेशा कपड़ों पर लगे केयर लेबल को पढ़ें और लिखे अनुसार उसे उच्च तापमान पर धोएं। कपड़ों को अच्छे से धोएं और उन्हें तहकर रखने से पहले अच्छे से सुखाएं। कीटाणु को दूर करने के लिए यह दोनों स्टेप्स महत्वपूर्ण हैं। सफ़ेद कपड़ों को आप धूप में सूखा सकते हैं, यह प्राकृतिक कीटाणुनाशक की तरह काम करती है। हमारा सुझाव है कि आप एक अच्छे डिटर्जेंट और कमर्शियल लॉन्ड्री डिसइंफेक्टेंट का चुनाव करें।  

५) केयर किट तैयार करें 

बच्चों के लिए एक केयर किट तैयार करें, जिसमें वो सारी चीज़ें हों, जिनकी उन्हें स्कूल में ज़रूरत होगी। हो सकता है स्कूल से भी आपको केयर किट तैयार करने के लिए कहा जाए,  इसलिए सुरक्षा के लिए इसे पहले से ही तैयार करें। किट में फेस मास्क, हैंड सैनिटाइज़र, दस्ताने, टिशू पेपर, रुमाल, गीले वाइप्स आदि चीज़ें होनी चाहिए। उन्हें पानी की बोतल देना न भूलें। उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिने के लिए प्रोत्साहित करें। ऐसे समय में उनका दिनभर हाइड्रेटेड रहना बेहद ज़रूरी है। साथ ही अपने बच्चों को लंच ब्रेक में अपने दोस्तों के साथ कटलरी और अन्य चीज़ें साझा करने से मना करें। उन्हें बाहरी गतिविधि या लंच ब्रेक के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग क्यों महत्वपूर्ण है, यह भी समझाएं।   

६) स्वस्थ भोजन बनाएं

स्वस्थ भोजन बराबर स्वस्थ शरीर। बच्चों के डाइट प्लान में स्वस्थ भोजन शामिल करें, जिससे उनके शरीर को पोषण मिले और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़े। ज़रूरत पड़ने पर अपने बाल-चिकित्सक से सलाह लें। जंक फूड की बजाय बच्चों के अंदर फल और हरी सब्जियां खाने की आदत डालें। उन्हें रोज़ाना व्यायाम करने के लिए प्रेरित करें। हमेशा उन्हें उदाहरण देकर समझाएं और उनकी गतिविधियों में शामिल होकर उन्हें प्रेरित करें। 

भविष्य में अधिकतम सुरक्षा के साथ घर से बाहर निकलना आम बात है। इसलिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पूरी दुनिया एकसाथ है। आप अपने बच्चों और परिवार के लिए अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित कर लेते हैं, तो बाकी सब भी ठीक हो जाएगा। लॉकडाउन के बाद अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए ऊपर दी गई सुरक्षित सावधानियों को अपनाएं।

Sources:

https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/daily-life-coping/children.html

https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/prevent-getting-sick/prevention.html

https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/daily-life-coping/children.html

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