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इन असरदार टिप्स को अपनाएं, घर के बड़े-बुज़ुर्गों को संक्रमण से बचाएं!

आपके माता-पिता या फिर दादा-दादी चूंकि आपके साथ घर में रहते हैं, तो ज़ाहिर है आपको उनकी सेहत की चिंता सताती ही होगी। लेकिन इसमें चिंता करने की कोई बात नहीं। इन असरदार टिप्स को अपनाकर आप अपने घर के बड़े-बुज़ुर्गों को कीटाणु और संक्रमण से सुरक्षित रख सकते हैं।

अपडेट किया गया

अपने घर के बड़े-बुज़ुर्गों को संक्रमण से कैसे बचाएं | क्लीएनीपीडिया

६० साल की उम्र के ऊपर के व्यक्ति को सीनियर सिटीज़न कहते हैं और आमतौर पर युवाओं के मुक़ाबले इनकी इम्युनिटी भी कम होती है। आप अपने माता-पिता और दादा-दादी को सुरक्षित रखना चाहते हैं पर नहीं जानते कैसे? तो कोई बात नहीं। सिर्फ़ इन आसान टिप्स को अपनाकर आप उन्हें संक्रमण और कीटाणुओं से दूर रख सकते हैं।

१) निजी स्वच्छता के लिए

आप या फिर घर का कोई दूसरा सदस्य जब भी बड़ों की मदद कर रहा हो तो पहले अपने हाथों को ठीक से धोएं। हाथों को धोने के लिए आप साबुन और पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। या फिर आप अल्कोहल-बेस्ड हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल कर सकते हैं, जैसे कि लाइफबॉय के सैनिटाइज़र जो बाज़ार में उपलब्ध है।

जब भी आप खांसें या फिर छींकें, तो उस वक़्त मुंह को टिशू पेपर से ढंकें। अगर टिशू पेपर नहीं है तो खांसते वक़्त कोहनी से मुंह को ढंकें। मगर ध्यान रहे कि बड़ों को दवाई, खाना देने या फिर चलने में मदद करने से पहले उस टिशू पेपर को तुरंत कचरे के डिब्बे में फेंक दें।

साथ ही बड़ों को इस बारे में जानकारी दें कि अपनी निजी स्वच्छता कैसे रखी जाती है। 

बड़ों की मदद करने के लिए अगर आपने मेड या फिर वार्ड बॉय को रखा है, तो वे बड़ों को मदद करने से पहले स्वच्छता की इन आदतों का पालन कर रहे हैं कि नहीं इस पर भी ध्यान दें।

२) सतहों की सफ़ाई के लिए

छींकने के बाद कीटाणु ३ फीट तक फैल सकते हैं और संक्रमण फैला सकते हैं। साथ ही घर की अलग-अलग सतहों पर जाकर चिपक सकते हैं। इसलिए बड़ों को सुरक्षित रखने के लिए उनके रूम की सतहों को रोज़ साफ़ और कीटाणुमुक्त बनाए रखना ज़रूरी है। इसलिए कमरे  में जिन सतहों को वो कई बार छूते हैं, जैसे कि साइड टेबल, व्हीलचेयर, वॉकर, चश्मा, फ़ोन, क़िताब, दवाइयों का डिब्बा, सपोर्ट हैंडल्स आदि को रोज़ साफ़ करने के साथ कीटाणुमुक्त भी बनाएं। रूम के अंदर की सतहों को साफ़ और कीटाणुमुक्त करने के साथ उनके रूम के बाहर की सतहों, जिन्हें बारंबार घर का कोई न कोई सदस्य छूता ही रहता है, जैसे स्विचबोर्ड, दरवाज़े के हैंडल, मेज़, नल, कैबिनेट हैंडल, टॉयलेट सीट, फ्लश हैंडल, टेलीफ़ोन, लैपटॉप आदि। इन सभी सतहों को रोज़ाना साफ़ करना बेहतर होगा।

इन सभी सतहों को साफ़ करने के लिए घर में इस्तेमाल किए जाने वाले डिटर्जेंट को पानी में मिलाकर सफ़ाई करें। सफ़ाई के बाद स्वच्छता के लिए उन्हें कीटाणुमुक्त भी रखें। इसके लिए आप ब्लीच-बेस्ड (सोडियम हाइपोक्लोराइट) प्रॉडक्ट, जैसे कि डोमेक्स फ़्लोर क्लीनर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कीटाणुओं को मारता है। प्रॉडक्ट का इस्तेमाल करने से पहले उसकी जांच करने के लिए उसे एक छोटे से हिस्से पर इस्तेमाल करके देखें।

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३) कपड़ों की धुलाई के लिए

सिर्फ़ सतह पर नहीं, कपड़ों में भी कीटाणु अपना घर बना सकते हैं। बड़ों के कपड़ों को साफ़ और कीटाणुमुक्त रखने का आसान तरीक़ा है, कपड़ों को अच्छी तरह से धोना। कपड़ों को कीटाणुमुक्त रखने के लिए उन्हें धोते वक़्त डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें। आप कपड़ों को धोते वक़्त रिन आला जैसे ब्लीच (सोडियम हाइपोक्लोराइट) का उपयोग कर सकते हैं। रिन आला में सोडियम हाइपोक्लोराइट ब्लीच होता है, इस वजह से हमारा सुझाव है कि आप इसका इस्तेमाल सिर्फ़ सफ़ेद कपड़ों पर करें। रंगीन कपड़ों पर प्रयोग न करें।

कपड़ों को धोने के लिए अगर आप वॉशिंग मशीन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कपड़ों पर लगे केयर लेबल को पढ़ें और उस पर लिखे गए निर्देशों के अनुसार सही तापमान पर उन्हें धोएं। आख़िर में इन्हें धूप में अच्छी तरह से सुखाएं और तह करके रखें।

४) घरेलू चीज़ों की सफ़ाई के लिए

परिवार के हर सदस्य के लिए अगर अलग-अलग प्लेट, ग्लास, कप और कांटा-छुरी हो तो बेहतर होगा। इससे कीटाणु फैलेंगे नहीं। बर्तन और क्रॉकरी को रोज़ नियमित रूप से एक अच्छे डिशवॉश डिटर्जेंट का उपयोग करके धोएं। साथ ही घर की बाकी चीज़ें या निज़ी चीज़ें, जैसे डेन्चर, चश्मा, चश्मा का कवर, प्रेयर बैग आदि को साबुन और पानी का इस्तेमाल करके धोएं और इस्तेमाल के बाद उन्हें कीटाणुमुक्त ज़रूर करें।

तो इन तरीक़ों को अपनाकर अपने माता-पिता और दादा-दादी को संक्रमण से सुरक्षित रखें!

मूल रूप से प्रकाशित