अपने घर के लिए कैसे चुनें बेस्ट वॉटर प्यूरीफायर?

जल ही जीवन है, ये जुमला महज कहना काफी नहीं, इसे वास्तविकता में लाना भी ज़रूरी है। ऐसे में रसोई में इस्तेमाल होने वाले पानी के साथ ही पीने का पानी भी पूरी तरह से स्वच्छ और साफ़ हो, यह सुनिश्चित करना आपकी अपनी जिम्मेदारी है, क्योंकि इसका सीधा कनेक्शन आपके और आपके परिवार के सदस्यों की सेहत से है। दरअसल, अस्वच्छ और गंदा पानी सीधे तौर पर हमारी सेहत को प्रभावित करता है जो आगे चलकर पानी से होने वाली गंभीर बीमारी का सबब बन सकता है। ऐसे में साफ़-सुथरे पानी के लिए इस्तेमाल करें बेस्ट वॉटर प्यूरीफ़ायर ताकि पानी से होने वाली बीमारियां आपका बाल भी बांका ना कर पाएं।

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Don’t Compromise on Your Family’s Health - Signs That Your Water Filter Needs a Replacement

बेस्ट वॉटर प्यूरीफ़ायर खरीदने के लिए हमने जुटाएं हैं कुछ खास टिप्स। इन्हें आजमायें और आज ही घर लाएं बेस्ट वॉटर प्यूरीफ़ायर।

१) जानें पानी की क्वालिटी

बेस्ट वॉटर प्यूरीफ़ायर खरीदने से पहले यह जानने की कोशिश करें कि आपके घर में आने वाले पानी की क्वालिटी यानी कि गुणवत्ता कैसी है, यहां गुणवत्ता का संबंध पानी की स्वच्छता से है। यह जानने के लिए प्रोफ़ेशनल की मदद लें, जो पानी की गुणवत्ता जांचकर आपको यह बता सकें कि आपके घर आने वाला पानी पूरी तरह से स्वच्छ है या नहीं। यह जानने के बाद आपके लिए वॉटर प्यूरीफ़ायर का चुनाव करना बेहद आसान हो सकता है।

२) टी डी एस कंटेंट

अब बारी आती है टी डी एस कंटेंट की, यहाँ टी डी एस का मतलब 'टोटल डिससॉल्वड सॉलिड्स' से है, जो पानी में पाया जाता है। सेहत की दृष्टी से पानी में ५०० प्रति मिलियन टी डी एस की मात्रा हानिकारक नहीं होती, जबकि अधिकांशत: नालों से आने वाले पानी में टी डी एस की मात्रा १००० से ३००० प्रति मिलियन होती है। इसकी अधिकता पानी के स्वाद को बदलने के साथ ही पानी से होने वाली बीमारी का कारण भी होती है।

ऐसे में अगर आपके नलो से हार्ड वॉटर यानी कि खारा पानी और हाई टी डी एस कंटेंट करने वाला पानी आता है तो आर ओ + यू वी टेक्नोलॉजी वाला वॉटर प्यूरीफ़ायर चुनें और यदि आपके नालों से खारा पानी और लो टी डी एस कंटेट करने वाला पानी आता है तो आपके लिए आर ओ वॉटर प्यूरीफ़ायर एक बढ़िया ऑप्शन साबित हो सकता है।

३) वॉटर प्यूरिफिकेशन टेक्नोलॉजी के प्रकार

पानी की क्वालटी और टी डी एस कंटेंट जानने के बाद आइए अब जानते हैं वॉटर प्यूरिफिकेशन टेक्नोलॉजी के बारे में, इन दिनों मार्केट में खासकर तीन तरह के वॉटर प्यूरीफ़ायर उपलब्ध हैं, आइए हर एक बारे में विस्तार से जानें।

  • आर ओ या रिवर्स ऑस्मोसिस

आर ओ जिसे रिवर्स ऑस्मोसिस कहते हैं, ये एक ऐसी टेक्निक है जिसमें प्रेशर के माध्यम से पानी को स्वच्छ बनाया जाता है। ये पानी में घुली अशुद्धियां, डिससॉल्व सॉल्ट, मिनरल्स, पार्टिकिल्स और मेटल्स को पूरी तरह से खत्म करता है।

  • अल्ट्रा वायलेट (यू वी) और अल्ट्रा फिल्ट्रेशन (यू एफ)

यू वी जिसे अल्ट्रा वायलेट भी कहा जाता है, ये बेहद प्रभावी तरीके से अस्वच्छ पानी में घुले जीवाणुओं और रोगाणुओं को हटाता है, ऐसे रोगाणु जिनकी वजह से आगे चलकर पानी संबंधी बीमारों का सामना करना पड़ सकता है।

  • ऐक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर

पानी को साफ़ बनाने के लिए ऐक्टिव कार्बन फिल्टर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यह वॉल्टाइल ऑर्गनिक कैमिकल (वी ओ सी) को हटाने के साथ ही कीटनाशक का भी काम करता है, साथ ही साथ क्योरिन, बेंजीन, टी एच एम और बाकी अशुद्धियों को भी ख़त्म करता है।

जाहिर है अब सारे टिप्स को जानने के बाद बेशक आप अपने लिए एक बेहतरीन वॉटर प्यूरीफ़ायर का चुनाव कर सकते हैं। तो देर किस बात की कैपिसिटी और ड्यूरेबिलिटी के साथ परिवार की ज़रूरत और आदत को देखते हुए आज ही खरीदें बेस्ट वाटर प्यूरीफ़ायर।

की स्टेप्स:

  • पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए प्रोफ़ेशनल की मदद लें।
  • नलों में आने वाले पानी का टी डी एस पहले ही जान लें।
  • प्यूरीफिकेशन सिस्टम का चुनाव वॉटर टाइप और फैमिली की साइज़ के हिसाब से करें।

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