आरओ बनाम यूवी वॉटर प्यूरीफायर. फर्क जानिए

आरओ (रिवर्स ओस्मोसिस) और यूवी (अल्ट्रा वॉयलेट) वॉटर प्यूरीफायर्स दुनिया भर में सबसे आम प्यूरीफायर्स हैं| इस लेख में, हम आरओ और यूवी प्यूरीफायर्स के बारे में कुछ मूलभूत शंकाओं का समाधान करने का प्रयास करेंगे|

जब वॉटर प्यूरीफार्स का चयन करने की बात आती है तो हम सभी के सामने उलझन खड़ी हो जाती है| आइए हम पूरी जानकारी के साथ फैसला करने में आपकी मदद करें| समझदारी से चयन करने के लिए यह लेख पढ़िए|

आरओ और यूवी प्यूरीफायर्स उन पैथोजन्स को दूर करने में मदद करते हैं जिनसे एलर्जियां और कार्सिनोजेनिक रोग पैदा होते हैं|

आरओ

यह टेक्नोलॉजी पानी में घुले हुए ठोस पदार्थों को हटाती है. इसमें मेम्ब्रेन (झिल्ली) होती है जो प्रदूषकों को छानती है, जैसे रसायन और बैक्टीरिया जिससे कि पानी शुद्ध हो जाता है|

यह सिस्टम पूरे मेम्ब्रेन में से होकर आनेवाले पानी के दबाव के अंतर का उपयोग करके कणों को हटाता है और अशुद्धियों को पीछे छोड़ देता है|

यह कम मेंटेनेंस लागत पर काम करता है|

इसमें बिजली की भी मामूली खपत होती है|

यूवी

यूवी-आधारित प्यूरीफायर में, आरओ के चरण से पानी गुजरने के बाद यूवी किरणें माइक्रोब्स (सूक्ष्म तत्वों) को नष्ट कर देती हैं|

पानी का संपर्क यूवी किरणों से होता है जो बैक्टीरिया की कोशिकाओं में प्रवेश करता है और उनके फिर से पैदा होने की क्षमता को नष्ट कर देता है|

यूवी लैंप्स को सालाना बदलने की आवश्यकता होती है|

यूवी यूनिट ६०वाट के लाइट बल्ब जितनी बिजली का उपयोग करता है जिससे ये किफायती बन जाता है|

अपने प्यूरीफायर की तुलना कीजिए और चुन लीजिए|