क्या आप एल्कालाइन और आयोनाइज़्ड वाटर प्युरीफ़ायरों के बीच कंफ़्यूज़ हो रहे हैं? लीजिए हाज़िर है इस बारे में पूरी जानकारी|

वाटर प्युरीफ़ायर किसी भी घर का एक अभिन्न हिस्सा बन गया हैं| इसकी बहुत सी किस्में होती हैं, जिन्हें लेकर कोई भी दुविधा में पड़ सकता है|

अपडेट किया गया

Confused between alkaline and ionised water purifiers? Here’s everything you need to know

तो लीजिए हमने आपकी सुविधा के लिए इसे आसान बनाया है! अपनी किसी भी दुविधा को दूर करने के लिए इस आर्टिकल पर एक नज़र डालिए|

नींबू, संतरे या किसी अन्य खट्टे फल के रस को वाटर आयोनाइज़र के पानी में मिलाएँ और उसे तुरंत पी लें|

एल्कालाइन वाटर प्युरीफ़ायर

एक एल्कालाइन वाटर प्युरीफ़ायर पानी में मौजूद अम्लता को निष्क्रिय करते हैं और पानी को एल्कालाइन बनाते हैं| इसे इलेक्ट्रॉनिक युनिट से पानी का पीएच स्तर बढ़ जाता है और यह अधिक एल्कालाइन हो जाता है|

  • फायदायह पानी के ऑक्सिडेशन को कम करता है, जो शरीर के अनेक ऊतकों के लिए हानिकारक होते हैं! पानी की अम्लता से छुटकारा मिलने के कारण उसका पीएच स्तर बढ़ जाता है जो मानव शरीर के लिए अच्छा होता है|
  • नुकसानएक एल्कालाइन प्युरीफ़ायर में शुद्ध हुए पानी के साथ एकमात्र समस्या यह होती है कि आप इसे लंबे समय तक रख नहीं सकते| इसलिए बोतलबंद एल्कालाइन पानी के झाँसे में मत आइए, क्योंकि यह अपने सभी गुण खो चुका होता है|

आयोनाइज़्ड वाटर प्युरीफ़ायर

आयोनाइज़्ड वाटर प्युरीफ़ायर पानी के आयोनाइज़ेशन पर काम करता है| यह मूल रूप से एक रासायनिक प्रतिक्रिया होती है, जो एक इलेक्ट्रॉन को लेता या छोड़ता है, जिससे एटम एक चार्ज्ड पार्टिकल - आयन बन जाता है|

  • अच्छी बातकैल्शियम और मैग्नेशियम जैसे रसायन इलेक्ट्रॉन्स को लेते हैं और पानी को आयोनाइज़्ड बनाते हैं| यह आयोनाइज़्ड पानी इन रसायनों के साथ स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है|
  • बुरी बातआयोनाइज़्ड पानी को पीने के वैसे कोई नुकसान नहीं हैं, पर इसे तुरंत पी लेने से सबसे अच्छे नतीजे मिलते हैं|

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